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Most Important Tips to Clear REET : REET क्लियर करने के सबसे महत्वपूर्ण टिप्स

Most Important Tips to Clear REET : REET क्लियर करने के सबसे महत्वपूर्ण टिप्स

REET क्लियर करने के सबसे महत्वपूर्ण टिप्स: आज टीचिंग मेथड से जुड़े सवालों के जवाब पढ़िए, इनको समझ लिया तो 33 हजार शिक्षकों की लिस्ट में हो सकता है आपका नाम

जयपुर।


REET पास करना और स्कोरिंग करने में बहुत बड़ा फर्क है। अगर आपको रीट में मेरिट में आना है तो बाकी सारे टॉपिक एक तरफ और टीचिंग मेथड एक तरफ। यह रीट में हर अभ्यर्थी के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि सभी सब्जेक्ट का अपना महत्व है, लेकिन शिक्षण विधियां (Teaching Methods) सबसे ज्यादा स्कोरिंग टॉपिक है। रीट परीक्षा में 150 में से लगभग 60 प्रश्न शिक्षण विधि से पूछे जाते हैं। यह पूरे पेपर का 40 प्रतिशत पार्ट है। रीट लेवल वन में हिंदी, संस्कृत, पर्यावरण अध्ययन और गणित इन चार विषयों में कम से कम 60 अंकों के प्रश्न शिक्षण विधियों से आते हैं।
जबकि रीट लेवल दो में भी दोनों भाषाओं और मुख्य विषयों में भी एक बड़ा भाग शिक्षण विधियों का पूछा जाता है। दैनिक भास्कर को भी सबसे ज्यादा सवाल स्कोरिंग टॉपिक और शिक्षण विधियों को लेकर आए थे। तीन दिन में प्राप्त हुए 4 हजार 272 सवालों में से 833 लोगों ने शिक्षण विधियां से जुड़े टिप्स पूछे हैं। जैसे कि शिक्षण विधियां में कौन-कौन से टॉपिक 2021 रीट के लिए महत्वपूर्ण हैं? उनसे जुड़ी समस्याओं के क्या समाधान क्या है? आपके इन सवालों का जवाब दे रहे हैं हमारे साथ जुड़े टीचिंग मेथड एक्सपर्ट डॉ. सतीश मंगल।


Most Important Tips to Clear REET : REET क्लियर करने के सबसे महत्वपूर्ण टिप्स



*रीट परीक्षा में शिक्षण विधि कितनी महत्वपूर्ण है?*

रीट एग्जाम में शिक्षण विधि के लगभग 60 अंकों के प्रश्न आते हैं, इसलिए एग्जाम को क्रेक करने के साथ ही मेरिट में जगह बनाने के लिए शिक्षण विधियां की तैयारी सबसे महत्वपूर्ण है।

*रीट परीक्षा में शिक्षण विधियों के कौन से टॉपिक महत्वपूर्ण हैं?*

रीट परीक्षा 2021 के लिए प्रमुख शिक्षण विधियां
गणित एवं पर्यावरण अध्ययन
रीट लेवल 1 गणित एवं पर्यावरण अध्ययन में मापन और मूल्यांकन, उद्देश्यों का वर्गीकरण, गणित की प्रकृति और महत्व, आगमन-निगमन विधि, खेल विधि, प्रोजेक्ट विधि, शैक्षक भ्रमण, अभिनय विधि, महत्वपूर्ण शिक्षण विधियां हैं। पर्यावरण अध्ययन का अर्थ, महत्व, क्षेत्र ,पाठ्य योजना, शिक्षण अधिगम सामग्री।

*सामाजिक अध्ययन*
रीट लेवल 2 सामाजिक अध्ययन में मापन औरमूल्यांकन, उद्देश्यों का वर्गीकरण, सामाजिक अध्ययन की प्रकृति, पाठ्य योजना, समस्या-समाधान विधि, प्रायोजना विधि,समाजीकृत अभिव्यक्त विधि, पर्यटन विधि, अभिनय विधि, प्रच्छा प्रतिमान महत्वपूर्ण शिक्षण विधियां हैं।

*विज्ञान और गणित*
रीट लेवल 2 में विज्ञान और गणित में मूल्यांकन और मापन, उद्देश्यों का वर्गीकरण, पाठ्य योजना, गणित एवं विज्ञान की प्रकृति, गणित का महत्व, आगमन-निगमन विधि, विश्लेषण - संश्लेषण विधि, प्रोजेक्ट विधि, प्रयोगशाला विधि, शिक्षण अधिगम सामग्री महत्वपूर्ण शिक्षण विधियां हैं।

*रीट लेवल 1 और 2 में हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी भाषा की शिक्षण विधियां?*

भाषायी कौशलों का विकास, पाठ्य योजना, शिक्षण सामग्री, मापन एवं मूल्यांकन, आगमन-निगमन विधि, समग्र विधि, व्याख्या विधि और प्रत्यक्ष विधि प्रमुख हैं।

*शिक्षण विधियों में अगर कोई अभ्यर्थी कमजोर है, तो क्या करें?*

अभ्यास से बड़ा कोई तरीका नहीं। कोई भी अभ्यर्थी नहीं चाहेगा कि सबसे बड़े स्कोरिंग टॉपिक में से कुछ भी छूटे। अगर आप किसी टॉपिक में कमजोर हैं तो उसे पढ़ने का तरीका बदलें। जिन पर पकड़ है उनका रिवीजन ढंग से कर लें। आपको लगता है कि कमजोर है, उनका पता लगाएं और अभ्यास करें।

*शिक्षण विधियों में कई टॉपिक टफ है, उन्हें याद करने का कोई तरीका?*

पढ़ाई करने के दौरान अक्सर बच्चों की शिकायत रहती है कि उन्हें याद नहीं हो रहा। सबसे अच्छा तरीका है ज्यादा से ज्यादा प्रश्नों का हल करना। एक ही उत्तर पर कई तरह के सवाल बनते हैं। ज्यादा प्रश्न हल करेंगे तो आपकी पकड़ अच्छी बनेगी। परीक्षा के आखिरी समय में किसी नए टॉपिक को छेड़ने से बचें, हां उसका एक बार रिवीजन जरूर कर लें।

*टीचिंग मेथड की सबसे ऑथेंटिक बुक्स कौन सी हैं?*

हिंदी ग्रंथ अकादमी, शिक्षा मंत्रालय से मान्यता प्राप्त किताबों का ही अध्ययन करें। बी एड पाठ्यक्रम की राजस्थान हिंदी ग्रंथ अकादमी से प्रकाशित या ISBN नंबर से प्रकाशित किसी अच्छे प्रकाशन की पुस्तकें पढ़ी जा सकती है। मार्केट में उपलब्ध स्टेंडर्ट प्रकाशक की बुक्स आप पढ़ सकते हैं।

शिक्षण विधियां की तैयारी के महत्वपूर्ण बिंदु

टेस्ट सीरीज और मॉडल टेस्ट पेपर ज्यादा से ज्यादा हल करने चाहिए। ताकि सवालों को समझ कर समय पर उनका समाधान कर सकें।

ीट में शिक्षण विधि की तैयारी करने के लिए पुराने पेपर का अध्ययन जरूर करें।

टेस्ट सीरीज में भाग लेने से कई समस्याओं का समय रहते समाधान किया जा सकता है।

रीट के पुराने प्रश्न पत्र देखने से प्रश्न के प्रारूप का विद्यार्थी को पता चलता है। साथ-साथ सीटेट के पिछले 10 वर्षों के प्रश्न पत्रों को भी देखें। ताकि तैयारी को मजबूती मिल सके।




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